Mirabai

Classic poet · Public-domain works
मीराबाई (1498–1547) · Mirabai राजस्थान की राजकुमारी जिन्होंने राजमहल छोड़कर कृष्ण-भक्ति का मार्ग अपनाया। 'गिरधर नागर' को समर्पित उनके पद और भजन प्रेम और समर्पण के अनुपम उदाहरण हैं और पूरे भारत में गाए जाते हैं।
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Geet & Lyrics

पायो जी मैंने राम रतन धन पायो

पायो जी मैंने राम रतन धन पायो। वस्तु अमोलक दी मेरे सतगुरु, किरपा कर अपनायो॥ जनम-जनम की पूँजी पाई, जग में सभी खोवायो। खरचै न खूटै चोर न लूटै, दिन-दिन बढ़त सवायो॥ सत की नाव खेवटिया सतगुरु, भवसागर तर आयो। 'मीरा' के प्रभु गि...

2 hours ago · 1 min read 0 0 0