उन के देखे से जो आ जाती है मुँह पर रौनक़
वो समझते हैं कि बीमार का हाल अच्छा है
हम को मालूम है जन्नत की हक़ीक़त लेकिन
दिल के ख़ुश रखने को 'ग़ालिब' ये ख़याल अच्छा है
मिर्ज़ा असदुल्लाह ख़ाँ ग़ालिब (1797–1869) · Mirza Ghalib
उर्दू और फ़ारसी के सबसे महान शायर, मुग़ल दरबार के अंतिम दौर के कवि। उनकी ग़ज़लें प्रेम, दर्द, दर्शन और ज़िंदगी की विडंबनाओं को बेमिसाल अंदाज़ में बयान करती हैं। उनके ख़त भी उर्दू गद्य की धरोहर हैं।
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